Trent Limited: Q3 अपडेट के बाद टाटा का यह मल्टीबैगर शेयर 8% टूटा, क्या अब खरीदने का सही समय है?

Trent Limited share price falling chart cartoon illustration with Tata Group logo. Trent Limited में गिरावट: क्या यह टाटा ग्रुप के इस शेयर में खरीदारी का मौका है या मंदी की शुरुआत?

Trent के शेयरों में फिर से भारी गिरावट: टाटा ग्रुप के इस दिग्गज स्टॉक से क्यों दूरी बना रहे निवेशक? Trent Limited

टाटा ग्रुप की रिटेल दिग्गज कंपनी Trent Limited के निवेशकों के लिए आज का दिन काफी उथल-पुथल भरा रहा। 6 जनवरी 2026 को शेयर बाजार खुलते ही ट्रेंट के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली और स्टॉक शुरुआती कारोबार में ही 8 फीसदी तक लुढ़क गया। यह गिरावट तब आई है जब कंपनी ने अपनी तीसरी तिमाही (Q3) के बिजनेस अपडेट जारी किए हैं।

सवाल यह उठता है कि जिस टाटा ग्रुप पर निवेशक आंख मूंदकर भरोसा करते हैं, उसकी इस कंपनी के शेयर पिछले 6 महीने से मंदी की गिरफ्त में क्यों हैं? आइए, इस गिरावट के पीछे के कारणों और ब्रोकरेज की राय को विस्तार से समझते हैं।

Q3 अपडेट के बाद क्यों मचा हड़कंप? Trent Limited

Trent Limited दरअसल, 5 जनवरी को बाजार बंद होने के बाद ट्रेंट लिमिटेड ने अपनी तीसरी तिमाही के नतीजे साझा किए। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 17 प्रतिशत बढ़कर 5,220 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 4,466 करोड़ रुपये था।

हालांकि, रेवेन्यू में इस बढ़त के बावजूद बाजार को यह आंकड़े रास नहीं आए। निवेशकों को उम्मीद थी कि त्योहारी सीजन और शादियों के सीजन के कारण कंपनी के मुनाफे और स्टोर की परफॉर्मेंस में और भी बड़ा उछाल आएगा। लेकिन जब अपडेट उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे, तो निवेशकों ने मुनाफावसूली करना ही बेहतर समझा।

6 महीने से जारी है ‘बेयर रन’ (Bear Run)

ट्रेंट लिमिटेड के शेयरों के लिए पिछला आधा साल किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि जुलाई 2025 में इस शेयर ने अपना 200 DMA (Daily Moving Average) लेवल तोड़ दिया था। तकनीकी भाषा में इसे स्टॉक की कमजोरी का एक बड़ा संकेत माना जाता है।

तब से लेकर अब तक यह शेयर संभलने की कोशिश तो कर रहा है, लेकिन बार-बार बिकवाली का दबाव इसे नीचे खींच रहा है। पिछले एक साल में यह स्टॉक अपनी ऊंचाई से 40 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है, जिससे शॉर्ट-टर्म निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

वेस्टसाइड और ज़ूडियो: विस्तार तो हुआ पर सुस्ती के संकेत

31 दिसंबर 2025 तक ट्रेंट के पास एक विशाल नेटवर्क खड़ा हो चुका है:

  • वेस्टसाइड (Westside): 278 स्टोर्स

  • ज़ूडियो (Zudio): 854 स्टोर्स

  • अन्य लाइफस्टाइल स्टोर्स: 32 स्टोर्स

कंपनी ने तीसरी तिमाही में वेस्टसाइड के 17 और जूडियो के 48 नए स्टोर्स खोले। इसके बावजूद, ब्रोकरेज फर्म HDFC Securities का मानना है कि वेस्टसाइड के बिजनेस में अब सुस्ती के संकेत दिख रहे हैं। वहीं, जूडियो (जो कभी ट्रेंट का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन था) अब अपनी ऑपरेशनल क्षमता के चरम पर पहुँचता नजर आ रहा है। यानी अब वहां से वैसी तूफानी ग्रोथ की उम्मीद कम है जैसी पहले थी।

क्या अब खरीदारी का मौका है? (ब्रोकरेज की राय)

इतनी बड़ी गिरावट के बाद भी कुछ एक्सपर्ट्स इसे एक मौके के रूप में देख रहे हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने ट्रेंट की रेटिंग को अपग्रेड करके ‘Add’ कर दिया है। उनका मानना है कि चूंकि शेयर अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 50% गिर चुका है, इसलिए अब इसमें निवेश का जोखिम कम है। उन्होंने इसका टारगेट प्राइस 4,700 रुपये प्रति शेयर तय किया है।

क्या टाटा का यह मल्टीबैगर स्टॉक फिर वापसी करेगा?

भले ही पिछले 6 महीनों में शेयर ने 25 फीसदी का नेगेटिव रिटर्न दिया हो, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ट्रेंट अभी भी एक ‘हीरो’ है। पिछले 5 वर्षों में इस शेयर ने 500% से अधिक का रिटर्न देकर निवेशकों की पूंजी को पांच गुना किया है।

वर्तमान मंदी को कंपनी के बिजनेस मॉडल में बदलाव और विस्तार की लागत के रूप में देखा जा सकता है। टाटा ग्रुप का मैनेजमेंट हमेशा लंबी अवधि के विजन पर काम करता है, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ट्रेंट 4,000 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को बचा पाता है या नहीं।

https://gujaratitourister.in/2026/01/01/itc-share-price-crash-godfrey-phillips-falling-reasons/

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