ITC Share Price में हाहाकार! 2026 के पहले ही दिन क्यों डूबे तंबाकू कंपनियों के शेयर? जानें असली वजह
ITC Share Price : शेयर बाजार में साल 2026 की शुरुआत निवेशकों के लिए किसी कड़वे अनुभव से कम नहीं रही। जहां एक तरफ नया साल नई उम्मीदें लेकर आता है, वहीं तंबाकू और एफएमसीजी सेक्टर के दिग्गज शेयरों, खासकर ITC और Godfrey Phillips के लिए 1 जनवरी 2026 का दिन किसी दुस्वप्न जैसा साबित हुआ। बाजार खुलते ही इन शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई और देखते ही देखते ITC का शेयर अपने 52-हफ्तों के निचले स्तर (52-week low) पर जा गिरा।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि कल तक निवेशकों के पोर्टफोलियो की शान रहने वाला ITC आज लाल निशान में गोते लगा रहा है? क्या यह गिरावट केवल एक अस्थायी झटका है या इसके पीछे कोई गहरी आर्थिक रणनीति छिपी है? आइए विस्तार से समझते हैं।
ITC Share Price Today: एक नज़र आज के हाल पर
आज यानी 1 जनवरी 2026 को बाजार खुलते ही ITC के शेयरों में लगभग 8.6% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक ITC Share Price करीब ₹368.30 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि कल यह ₹403 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं अगर हम Godfrey Phillips Share Price की बात करें, तो वहां स्थिति और भी नाजुक है। गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर करीब 14% तक टूटकर ₹2,368 के स्तर पर पहुँच गया है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि तंबाकू क्षेत्र में एक साथ इतनी बड़ी गिरावट पिछले कई महीनों में नहीं देखी गई थी। इस बिकवाली ने निवेशकों के करोड़ों रुपये चंद घंटों में साफ कर दिए।
Why ITC Share is Falling? गिरावट के पीछे के 5 बड़े कारण
अगर आप सोच रहे हैं कि अचानक से इन शेयरों को किसकी नज़र लग गई, तो इसके पीछे सरकार का एक बड़ा फैसला और बाजार की कुछ तकनीकी गतिविधियां जिम्मेदार हैं।
1. तंबाकू पर ‘अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी’ का बम
गिरावट की सबसे मुख्य और बड़ी वजह सरकार का वह नोटिफिकेशन है, जो बुधवार (31 दिसंबर 2025) की देर शाम जारी किया गया। वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि 1 फरवरी 2026 से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी (Additional Excise Duty) लगाई जाएगी।
यह ड्यूटी सिगरेट की लंबाई के आधार पर ₹2,050 से ₹8,500 प्रति हजार स्टिक्स तक हो सकती है। सरकार के इस कदम से सिगरेट की कीमतों में प्रति स्टिक ₹2 से ₹3 की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे कंपनियों के ‘सेल्स वॉल्यूम’ पर बुरा असर पड़ सकता है।
2. GST Compensation Cess का नया रूप
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में लागू ‘GST Compensation Cess’ को हटाकर अब उसे ‘अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी’ और ‘हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस’ (Health and National Security Cess) के रूप में वसूला जाएगा। इससे टैक्स का ढांचा और भी कड़ा हो गया है। सिगरेट पर अब भी 40% GST लागू रहेगा, और उसके ऊपर यह नई ड्यूटी कंपनियों के मार्जिन को कम कर देगी।
3. ITC में बड़ी ‘Block Deal’
गिरावट का दूसरा बड़ा कारण एक भारी-भरकम ‘Block Deal’ है। खबरों के अनुसार, करीब 4 करोड़ शेयरों का सौदा ₹400 के भाव पर हुआ, जिसकी कुल कीमत ₹1,614 करोड़ से ज्यादा है। जब भी बाजार में इतनी बड़ी मात्रा में शेयरों की अदला-बदली होती है, तो अक्सर रिटेल निवेशक घबरा जाते हैं, जिससे पैनिक सेलिंग शुरू हो जाती है।
4. तकनीकी कमजोरी (Bearish Technical Indicators)
तकनीकी चार्ट पर ITC का शेयर अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज (5-day, 20-day, 50-day, and 200-day) से नीचे ट्रेड कर रहा है। जब कोई शेयर अपने 200-दिन के औसत से नीचे चला जाता है, तो उसे तकनीकी रूप से ‘बेयरिश ज़ोन’ में माना जाता है। यही वजह है कि ट्रेडर अब इसमें खरीदारी के बजाय बिकवाली को प्राथमिकता दे रहे हैं।
5. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली
पिछले कुछ दिनों से विदेशी निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। साल के आखिरी दिन भी FIIs ने ₹3,500 करोड़ से ज्यादा की बिकवाली की थी। तंबाकू जैसे ‘सिन गुड्स’ (Sin Goods) पर बढ़ते टैक्स के बोझ को देखते हुए विदेशी निवेशकों ने इन स्टॉक्स से दूरी बनाना शुरू कर दिया है।
Godfrey Phillips Share Price: यहाँ गिरावट ज्यादा क्यों?
गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया लिमिटेड का शेयर ITC के मुकाबले ज्यादा क्यों गिरा? इसका कारण यह है कि ITC एक ‘डायवर्सिफाइड’ कंपनी है। यानी ITC का पैसा केवल सिगरेट से नहीं आता, बल्कि वे आशीर्वाद आटा, सनफीस्ट बिस्किट, होटल्स और पेपरबोर्ड जैसे बिजनेस भी करते हैं।
इसके विपरीत, Godfrey Phillips का मुख्य रेवेन्यू सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर ही निर्भर है। जब भी टैक्स बढ़ता है, तो ऐसी कंपनियों पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ता है। यही कारण है कि आज गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर करीब 14% तक गोता लगा गया।
क्या निवेशकों को घबराना चाहिए? एक्सपर्ट की राय
बाजार के दिग्गज विश्लेषकों का कहना है कि तंबाकू उद्योग हमेशा से टैक्स के रडार पर रहा है। हालांकि, सिगरेट की मांग भारत में ‘इनइलास्टिक’ (Inelastic) मानी जाती है, यानी कीमतें बढ़ने के बावजूद लोग इसका सेवन कम नहीं करते।
-
दीर्घकालिक नजरिया (Long Term): अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो ITC जैसी कंपनी के लिए यह गिरावट एक अवसर भी हो सकती है। कंपनी का FMCG बिजनेस अब धीरे-धीरे मुनाफे में आ रहा है और होटल बिजनेस के डीमर्जर के बाद कंपनी की बैलेंस शीट और हल्की हुई है।
-
अल्पकालिक नजरिया (Short Term): शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए अभी सावधानी बरतने की सलाह है। जब तक सरकार के नए टैक्स नियमों का असर स्पष्ट नहीं होता, तब तक स्टॉक में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
निष्कर्ष: आगे क्या होगा?
तंबाकू कंपनियों के लिए साल 2026 की शुरुआत भले ही ‘धुएं’ भरी रही हो, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि ये कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी (Price Hike) के जरिए इस टैक्स के बोझ को ग्राहकों पर कैसे डालती हैं। यदि कंपनियां सफलतापूर्वक कीमतों को बढ़ा देती हैं और उनकी बिक्री में गिरावट नहीं आती, तो आने वाले महीनों में शेयरों में रिकवरी देखी जा सकती है।
फिलहाल, निवेशकों को 1 फरवरी 2026 का इंतजार है, जब ये नए नियम पूरी तरह लागू होंगे। तब तक ‘Wait and Watch’ की रणनीति अपनाना ही समझदारी होगी।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है।
https://gujaratitourister.in/2025/10/31/hyundai-india-share-price-history-future-prospects/
3 thoughts on “ITC Share Price Crash : आखिर क्यों गिर रहे हैं ITC और Godfrey Phillips के शेयर? जानें बड़ी वजह”