अहमदाबाद: शादी के महज 2 महीने बाद खूनी खेल, क्लास-1 अधिकारी ने पत्नी को गोली मार खुद को भी उड़ाया
Shaktisinh Gohil nephew Sucide अहमदाबाद के पॉश इलाके जज साहब बंगला रोड पर स्थित NRI टावर में बीती रात एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक हँसता-खेलता परिवार चंद मिनटों के गुस्से की भेंट चढ़ गया। गुजरात मेरिटाइम बोर्ड में क्लास-1 अधिकारी यशराज सिंह गोहिल ने अपनी पत्नी राजेश्वरी की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद को भी मौत के घाट उतार लिया।
दिल दहला देने वाली बात यह है कि इस जोड़े की शादी को अभी केवल दो महीने ही हुए थे।
झगड़े ने लिया उग्र रूप, फिर चली गोलियां
मिली जानकारी के अनुसार, यशराज सिंह और राजेश्वरी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि यशराज ने अपना आपा खो दिया। उन्होंने अपने पास मौजूद लाइसेंसी हथियार निकाला और पत्नी पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे राजेश्वरी के सिर में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
खुद ही किया 108 को फोन, फिर दी जान
इस खूनी खेल के बाद यशराज को शायद अपनी गलती का अहसास हुआ। उन्होंने खुद ही एंबुलेंस (108) को फोन किया और कहा कि “मुझसे गलती से गोली चल गई है, जल्दी आइए।” लेकिन जब 108 की टीम मौके पर पहुँची और जांच की, तो राजेश्वरी दम तोड़ चुकी थीं। जैसे ही मेडिकल स्टाफ घर से बाहर निकला, यशराज ने उसी हथियार से खुद के कनपटी पर भी गोली मार ली।
कौन थे यशराज सिंह गोहिल?
यशराज सिंह गोहिल कोई साधारण व्यक्ति नहीं थे, बल्कि समाज के एक प्रतिष्ठित पद पर आसीन थे।
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वह गुजरात मेरिटाइम बोर्ड (GMB) में एक अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
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हाल ही में उनका प्रमोशन हुआ था, जिसके बाद वह वर्ग-2 से वर्ग-1 (Class-1) अधिकारी बने थे।
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वह कांग्रेस के दिग्गज नेता शक्तिसिंह गोहिल के सगे भतीजे थे।
इस घटना की खबर मिलते ही शक्तिसिंह गोहिल और अन्य नेता भी सिविल अस्पताल पहुँचे। पुलिस के आला अधिकारी, जिनमें ज़ोन-1 DCP और क्राइम ब्रांच की टीम शामिल है, घटनास्थल पर पहुँच कर मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
सुरक्षा के घेरे में NRI टावर
घटना के बाद से ही NRI टावर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। टावर के गेट बंद कर दिए गए हैं और निवासियों के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी, जिसने एक उच्च शिक्षित अधिकारी को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
मृतकों का विवरण:
यशराजसिंह दुर्गेशसिंह गोहिल (उम्र 33 वर्ष)
राजेश्वरी यशराजसिंह गोहिल (उम्र 30 वर्ष)
यशराज सिंह गोहिल केस: रंजिश या हादसा? पुलिस जांच में हुआ ‘मर्डर’ का सनसनीखेज खुलासा
अहमदाबाद के पॉश इलाके जज बंगलो रोड पर स्थित एनआरआई (NRI) टावर में हुए उस खौफनाक दोहरे मौत के मामले ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल के भतीजे यशराज सिंह गोहिल और उनकी पत्नी राजेश्वरीबा की मौत, जिसे शुरुआत में एक दुखद हादसा माना जा रहा था, अब पुलिस जांच में ‘हत्या और आत्महत्या’ के मामले में तब्दील हो गई है।
अहमदाबाद पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की गहन जांच के बाद यह साफ हो गया है कि वह गोली गलती से नहीं चली थी, बल्कि उसे सोच-समझकर चलाया गया था।
रमत-रमत में फायरिंग की थ्योरी खारिज: क्या था पूरा मामला?
शुरुआती जांच में यह चर्चा थी कि शायद रिवॉल्वर के साथ छेड़छाड़ या खेल-खेल में गोली चल गई होगी। लेकिन, एफएसएल (FSL) और बैलिस्टिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यशराज सिंह की लाइसेंसी रिवॉल्वर का ‘ट्रिगर’ इतना संवेदनशील नहीं है कि वह गिर जाने या अचानक हाथ लग जाने से चल जाए।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ट्रिगर को दबाने के लिए एक निश्चित मात्रा में बल (Force) और एक खास तरीके से दबाव डालना जरूरी होता है। इससे यह साबित होता है कि यशराज सिंह ने अपनी पत्नी राजेश्वरीबा को मारने के इरादे से ही ट्रिगर दबाया था। पत्नी के सिर के पिछले हिस्से में लगी गोली इस बात का पुख्ता सबूत बनी कि यह कोई बचाव या आकस्मिक घटना नहीं थी।
30 सेकंड का वह खौफनाक मंजर
घटनाक्रम के अनुसार, उस रात यह दंपति अपने एक रिश्तेदार के घर डिनर और बाद में बाहर जूस पीने गया था। सीसीटीवी फुटेज में दोनों बिल्कुल सामान्य मूड में नजर आ रहे थे। घर लौटने के बाद अचानक बेडरूम से गोली चलने की आवाज आई।
तफ्तीश में सामने आया कि पहली गोली राजेश्वरीबा को लगी। इसके बाद घबराए हुए यशराज ने 108 एम्बुलेंस को फोन किया। जैसे ही मेडिकल टीम ने उनकी पत्नी को मृत घोषित किया, उसके महज 30 सेकंड के भीतर यशराज ने खुद के सिर में भी गोली मार ली। रिवॉल्वर में केवल दो ही राउंड थे और दोनों का इस्तेमाल इस खौफनाक वारदात में हो गया।
महज दो महीने पहले बंधा था शादी का बंधन
इस घटना ने लीमडा स्टेट के शाही परिवार और शुभचिंतकों को झकझोर कर रख दिया है। अभी दो महीने पहले ही यशराज और राजेश्वरीबा की शादी बड़ी धूमधाम से हुई थी। हाथों की मेहंदी का रंग अभी पूरी तरह उतरा भी नहीं था कि खुशियां मातम में बदल गईं। पुलिस अब उन ‘अनसुलझे सवालों’ के जवाब तलाश रही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि महज 60 दिनों के भीतर बात हत्या तक पहुंच गई।
पुलिस के सामने अभी भी हैं ये चुनौतियां:
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बंद सीसीटीवी: जिस फ्लैट में यह घटना हुई, वहां के सीसीटीवी कैमरे बंद मिले, जिससे पुलिस को उस रात की बॉडी लैंग्वेज समझने में दिक्कत आ रही है।
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निजी विवाद: पुलिस अब परिवार के अन्य सदस्यों और दोस्तों के बयान दर्ज कर रही है ताकि शादीशुदा जिंदगी में चल रहे किसी संभावित तनाव का पता लगाया जा सके।
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हथियार की जांच: रिवॉल्वर में केवल दो गोलियां क्यों थीं, इसकी भी जांच जारी है।
डीसीपी और एसीपी का बड़ा बयान
जोन-1 डीसीपी हर्षद पटेल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि चूंकि शादी को अभी दो महीने ही हुए थे, इसलिए नियमों के मुताबिक इसकी गहन जांच अनिवार्य थी। एसीपी जयेश ब्रह्मभट्ट, जो इस मामले में खुद शिकायतकर्ता बने हैं, उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) में मौत का कारण ‘हेमरेज और शॉक’ बताया गया है जो गोली लगने से हुआ था।
पुलिस ने अब धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। भले ही मुख्य आरोपी (यशराज) की भी मौत हो चुकी है, लेकिन न्याय और सच्चाई के नजरिए से यह केस अब काफी गंभीर हो चुका है।
निष्कर्ष
यशराज सिंह गोहिल केस केवल एक हाई-प्रोफाइल मौत का मामला नहीं है, बल्कि यह रिश्तों के पीछे छिपे अनकहे तनाव की एक दुखद दास्तां है। जहां एक ओर शाही परिवार शोक में डूबा है, वहीं दूसरी ओर कानून अपनी गति से इस गुत्थी को पूरी तरह सुलझाने में जुटा है।
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