Glenn Phillips Profile : न्यूजीलैंड क्रिकेट का वो ‘सुपरमैन’ जो मैदान पर नामुमकिन को मुमकिन बनाता है
Glenn Phillips Profile : क्रिकेट की दुनिया में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिन्हें आप सिर्फ उनके आंकड़ों के लिए नहीं, बल्कि उनके खेल के प्रति जुनून और मैदान पर उनकी फुर्ती के लिए याद रखते हैं। न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स (Glenn Phillips) बिल्कुल इसी श्रेणी के खिलाड़ी हैं। चाहे वो बाउंड्री पर हवा में उड़कर कैच पकड़ना हो, विकेटों के बीच चीते जैसी दौड़ लगानी हो या फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने हों, फिलिप्स आधुनिक क्रिकेट के असली ‘थ्री-डायमेंशनल’ खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।
आज के इस विशेष लेख में हम ग्लेन फिलिप्स के जीवन, उनके संघर्ष, मैदान पर उनकी जादुई फील्डिंग और क्रिकेट जगत में उनके बढ़ते कद के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
दक्षिण अफ्रीका से न्यूजीलैंड तक का सफर
बहुत कम लोग जानते हैं कि ग्लेन फिलिप्स का जन्म 6 दिसंबर 1996 को दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में हुआ था। हालांकि, जब वह महज 5 साल के थे, तभी उनका परिवार न्यूजीलैंड शिफ्ट हो गया। यही वजह है कि उनकी शुरुआती क्रिकेट की शिक्षा कीवी धरती पर हुई। बचपन से ही वह एक एथलीट के तौर पर काफी सक्रिय थे, जिसका फायदा आज उनकी क्रिकेटिंग स्किल्स में साफ नजर आता है।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में धमाकेदार एंट्री
ग्लेन फिलिप्स ने न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए अपना पहला टी20 (T20I) मैच फरवरी 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था। एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में टीम में आए फिलिप्स ने जल्द ही अपनी आक्रामक शैली से सबको प्रभावित किया।
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टी20 में दबदबा: उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से यह साबित किया कि वह किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं।
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टेस्ट और वनडे में बदलाव: समय के साथ उन्होंने अपनी तकनीक में सुधार किया और आज वह न्यूजीलैंड के लिए तीनों फॉर्मेट में एक भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं।
‘सुपरमैन’ फील्डिंग: जब मैदान पर फिलिप्स उड़ने लगते हैं
ग्लेन फिलिप्स की चर्चा उनकी फील्डिंग के बिना अधूरी है। उन्हें अक्सर मैदान पर ‘सुपरमैन’ कहा जाता है। इसका कारण उनकी अविश्वसनीय कैच लेने की क्षमता और मैदान को कवर करने की गति है।
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एक हाथ के करिश्माई कैच: फिलिप्स ने बाउंड्री लाइन पर कई ऐसे कैच पकड़े हैं जो भौतिकी (Physics) के नियमों को चुनौती देते लगते हैं।
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बहुमुखी प्रतिभा: वह मैदान के किसी भी कोने में तैनात किए जा सकते हैं। स्लिप से लेकर लॉन्ग-ऑन तक, उनकी मौजूदगी बल्लेबाजों के मन में डर पैदा करती है।
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विकेटकीपिंग और गेंदबाजी: वह न केवल एक शानदार फील्डर हैं, बल्कि एक कुशल विकेटकीपर भी रहे हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने अपनी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी को भी इतना निखारा है कि वह टीम के लिए एक मुख्य ऑलराउंडर की भूमिका निभा रहे हैं।
IPL और वैश्विक टी20 लीगों में धाक
ग्लेन फिलिप्स की मांग दुनिया भर की टी20 लीगों में रहती है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में उन्होंने अपनी चमक बिखेरी है।
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उन्होंने राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद जैसी प्रतिष्ठित टीमों का प्रतिनिधित्व किया है।
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IPL 2026 की नीलामी और सीजन के दौरान भी उनकी फील्डिंग और फिनिशिंग एबिलिटी को लेकर काफी चर्चा रही। वह उन कुछ विदेशी खिलाड़ियों में से हैं जो अकेले दम पर मैच का पासा पलट सकते हैं।
2022 टी20 विश्व कप का वो यादगार शतक
फिलिप्स के करियर का सबसे सुनहरा पल 2022 के टी20 विश्व कप में आया। श्रीलंका के खिलाफ सिडनी में खेले गए मैच में उन्होंने संकट के समय में एक शानदार शतक जड़कर न्यूजीलैंड को जीत दिलाई थी। उस पारी ने साबित कर दिया कि वह केवल एक ‘हिटर’ नहीं हैं, बल्कि प्रेशर में पारी को संभालने वाले एक परिपक्व बल्लेबाज भी हैं।
घरेलू क्रिकेट और निरंतरता
न्यूजीलैंड के घरेलू ढांचे में उन्होंने ऑकलैंड और ओटागो के लिए खेलते हुए ढेरों रन बनाए हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी ‘वर्क एथिक्स’ है। वह घंटों नेट्स पर अभ्यास करते हैं और अपनी फिटनेस को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं। यही कारण है कि आज वह कीवी टीम के मध्यक्रम की रीढ़ बन चुके हैं।
निष्कर्ष: क्यों ग्लेन फिलिप्स हर टीम की पसंद हैं?
आज के समय में जब खेल बहुत तेज हो गया है, तब ग्लेन फिलिप्स जैसे खिलाड़ी की वैल्यू बहुत बढ़ जाती है। वह आपको बल्लेबाजी से रन देते हैं, अपनी ऑफ-स्पिन से विकेट निकालकर देते हैं और अपनी फील्डिंग से कम से कम 15-20 रन बचाते हैं।
ग्लेन फिलिप्स का अब तक का सफर युवाओं के लिए प्रेरणा है कि कैसे अपनी मेहनत और विविधता (Versatility) के दम पर आप दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में शुमार हो सकते हैं।
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