Rajasthan Mysterious Pot: 150 किलो का घड़ा देख सोना लूटने दौड़ी भीड़, इलाके में हड़कंप!

राजस्थान के टोंक में मिला 150 किलो का प्राचीन घड़ा और सोना लूटने के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ टोंक के देवरी गांव में जेसीबी खुदाई के दौरान मिला विशालकाय घड़ा, जिसे देख ग्रामीण सोना लूटने दौड़ पड़े।

राजस्थान के टोंक में मिला 150 किलो का रहस्यमयी घड़ा: सोना लूटने के लिए उमड़ी भीड़, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज!

Rajasthan Mysterious Pot राजस्थान का टोंक जिला इन दिनों पूरे देश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दरअसल, यहाँ के देवरी गांव में जमीन की खुदाई के दौरान कुछ ऐसा मिला जिसने न केवल ग्रामीणों के होश उड़ा दिए, बल्कि प्रशासन और पुरातत्व विभाग को भी हैरत में डाल दिया है। खुदाई में 150 किलो वजन का एक विशालकाय प्राचीन घड़ा मिलने के बाद पूरे इलाके में ‘खजाने’ की खबर आग की तरह फैल गई।

कैसे मिला यह ‘जादुई’ घड़ा? Rajasthan Mysterious Pot

Rajasthan Mysterious Pot यह घटना तब हुई जब गांव में साधारण तरीके से जमीन की खुदाई चल रही थी। लगभग 10 फीट की गहराई पर जेसीबी (JCB) का पंजा किसी सख्त धातु से टकराया। जैसे ही वहां से मिट्टी हटाई गई, मजदूरों के सामने दो फीट ऊंचा और करीब डेढ़ फीट चौड़ा एक विशालकाय घड़ा चमक रहा था।

जैसे ही घड़े की खबर फैली, देखते ही देखते पूरा गांव वहां इकट्ठा हो गया। चर्चा शुरू हो गई कि इसमें राजा-महाराजाओं के जमाने की सोने की अशर्फियां और चांदी के सिक्के भरे हुए हैं। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि लोग घड़े पर टूट पड़े और कुछ चमकीली वस्तुएं लूटकर भागने लगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज तक करना पड़ा।

खजाने के साथ जुड़ा है ‘काला जादू’ का रहस्य?

हैरानी की बात सिर्फ यह घड़ा नहीं है, बल्कि इसके साथ मिली अन्य चीजें हैं। जिस स्थान से यह घड़ा बरामद हुआ, वहां ताजे गुलाब के फूल, पुरानी चप्पलें और कुछ अजीबोगरीब निशान भी मिले हैं। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज है कि यह किसी ‘गुप्त धार्मिक अनुष्ठान’ या ‘मैली विद्या’ (Tantra-Mantra) से जुड़ा मामला हो सकता है। क्या यह वास्तव में कोई प्राचीन विरासत है या इसके पीछे कोई तंत्र-मंत्र का रहस्य छिपा है? यह सवाल अब प्रशासनिक गलियारों में गूंज रहा है।


प्रशासन की कार्रवाई और पुरातत्व विभाग की एंट्री

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। अतिरिक्त जिला कलेक्टर राम रतन सोकरिया ने बताया कि:

  • घड़े को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

  • इसे कड़ी सुरक्षा के बीच निवाई सब-ट्रेजरी के स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है।

  • भारतीय खजाना अधिनियम (Indian Treasure Trove Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

अब सबकी निगाहें पुरातत्व विभाग (Archaeology Department) की रिपोर्ट पर टिकी हैं। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि यह घड़ा कितना पुराना है और इसके अंदर मौजूद सामग्री का ऐतिहासिक महत्व क्या है।

क्या वाकई यह सोने का खजाना है?

फिलहाल, यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसमें सोना ही है। हालांकि, जिस तरह से गांव वालों ने इसमें से कुछ धातु की चीजें लूटने की कोशिश की, उससे संदेह गहरा गया है। लेकिन जब तक विभाग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक यह 150 किलो का घड़ा सरकारी तिजोरी में कैद रहेगा और लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना रहेगा।


मुख्य बिंदु जो आपको जानने चाहिए:

  1. स्थान: देवरी गांव, जिला टोंक, राजस्थान।

  2. वजन: घड़े का वजन लगभग 150 किलोग्राम है।

  3. गहराई: जमीन से 10 फीट नीचे मिला।

  4. रहस्य: घड़े के पास से फूल और चप्पलें मिलने से तांत्रिक क्रिया का शक।

निष्कर्ष: राजस्थान की धरती हमेशा से अपने भीतर इतिहास और रहस्यों को समेटे हुए है। टोंक की यह घटना हमें फिर से उस पुराने दौर की याद दिलाती है। अब देखना यह है कि पुरातत्व विभाग की जांच में क्या निकलकर सामने आता है।

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