🔹 वेंकटेश्वर मंदिर में एकादशी दर्शन के दौरान हादसा
आंध्रप्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित प्रसिद्ध Venkateshwar Mandir में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। एकादशी के पावन अवसर पर सुबह से ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर परिसर में जुटे थे।
लेकिन जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, हालात बेकाबू होते चले गए। मंदिर के प्रवेश द्वार के पास रेलिंग टूटने से अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और धक्का-मुक्की की वजह से कई महिलाएं व बच्चे दब गए। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

🔹 कैसे हुआ हादसा?
मंदिर प्रशासन के अनुसार, एकादशी के मौके पर हर साल बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन इस बार भीड़ उम्मीद से कहीं ज्यादा थी।
मंदिर की एक दीवार के पास स्थित रेलिंग अचानक टूट गई, जिससे श्रद्धालु संतुलन खो बैठे और नीचे गिर गए।
नीचे गिरे लोगों के ऊपर सैकड़ों लोग चढ़ गए, जिससे कई की मौके पर ही मौत हो गई।
कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि लोग जमीन पर पड़े हुए हैं और महिलाएं बेहोश अवस्था में दिखाई दे रही हैं।

🔹 घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया
स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मेहनत की।
घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कई श्रद्धालुओं को CPR देकर बचाने की कोशिश की जा रही थी।
घटनास्थल पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
🔹 मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख
आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,
“यह अत्यंत दुखद घटना श्रीकाकुलम जिले के वेंकटेश्वर मंदिर में हुई। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएँ हैं। प्रशासन को तत्काल राहत और मदद देने के आदेश दिए गए हैं।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ितों को आर्थिक सहायता दी जाए और घायल श्रद्धालुओं का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए।

🔹 गृह मंत्री अनिता ने बताया – भारी भीड़ थी हादसे की वजह
आंध्रप्रदेश की गृह मंत्री अनिता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मंदिर में हर सप्ताह लगभग 1,500 से 2,000 भक्त दर्शन करने आते हैं,
लेकिन एकादशी के दिन यह संख्या अचानक कई गुना बढ़ गई।
उन्होंने कहा,
“मंदिर परिसर में लगभग 20 पगडंडियां हैं जिनसे होकर भक्त प्रवेश करते हैं। इस बार भीड़ इतनी बढ़ गई कि रेलिंग दबाव में टूट गई और भगदड़ मच गई।”
गृह मंत्री ने यह भी जोड़ा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिसके कारण हालात बिगड़ गए।
🔹 मंदिर प्रशासन ने कहा – भीड़ नियंत्रण में कमी रही
मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि एकादशी की सुबह से ही भीड़ बढ़ने लगी थी।
उन्होंने कहा कि कई श्रद्धालु सुबह 4 बजे से ही कतार में खड़े थे।
हालांकि, स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने समय रहते भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं की, जिससे यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, भीड़ के बढ़ने की वजह से मंदिर के गेट पर लंबी कतारें लगी थीं और कुछ लोग रेलिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
इसी बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई और रेलिंग टूट गई।
🔹 प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर
कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भगदड़ के समय लोगों की चीख-पुकार से माहौल भयावह बन गया था।
कई महिलाएं और बच्चे जमीन पर दब गए। कुछ श्रद्धालु दूसरों को खींचकर बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे।
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कुछ लोग घायलों को हाथ और पैर पकड़कर बाहर निकालते हुए नजर आ रहे हैं।
एक महिला श्रद्धालु ने रोते हुए कहा,
“हम बस भगवान के दर्शन करने आए थे, पर यह नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो जाएगा। हर तरफ लोग गिर रहे थे, सांस लेना मुश्किल हो गया था।”
🔹 मंदिर का धार्मिक महत्व
वेंकटेश्वर मंदिर आंध्रप्रदेश का एक प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है।
इसे “उत्तर का तिरुपति” भी कहा जाता है क्योंकि यहां की पूजा-पद्धति तिरुपति बालाजी मंदिर जैसी ही है।
इस मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर (भगवान विष्णु) की पूजा होती है, जिन्हें स्थानीय रूप में श्रीनिवास या गोविंद के नाम से भी जाना जाता है।
हर महीने एकादशी के अवसर पर हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं।
🔹 हादसे के बाद प्रशासन सतर्क
घटना के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की पुनर्समीक्षा करने के आदेश दिए हैं।
स्थानीय पुलिस ने मंदिर क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और अगले आदेश तक श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक लगा दी है।
राज्य सरकार ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए मंदिरों में भीड़ नियंत्रण तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
🔹 निष्कर्ष
वेंकटेश्वर मंदिर हादसा हमें यह सिखाता है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है।
हर साल लाखों लोग मंदिरों में श्रद्धा से आते हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का रूप ले सकती है।
सरकार और प्रशासन को चाहिए कि आने वाले समय में ऐसे आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को पहले से सुदृढ़ किया जाए।